मुज़फ़्फ़र नगर!!!

मुज़फ़्फ़र नगर!!!


मेरा नाम नेइमा है!मेरी उमर ७ साल है! मैं दूसरी क्लास मे पढ़ती हूँ!मेरे स्कूल का नाम बॉल जीवन ज्योति स्कूल है!मैं अपने माँ - अब्बा के साथ रहती हूँ!मेरे भाई का नाम रफ़ी है!मेरे अब्बा कपड़े इस्त्री करने का काम करते हैं!मैं अपने माँ - अब्बा को बहुत प्यार करती हूँ!मुझे सलमान ख़ान और अमिता बच्चन के गाने बहुत अच्छे लगते हैं! बल्लू बता रहा था कि रईस को सुनील और सुभाष ने मारा फिर उनको गाँव वालो ने मारा! कल पता नही किसने मेरे माँ - अब्बा को मार दिया! रफ़ी भी मर गया! मुझे जुब चोट लगी तो मैं सो गयी थी तो मैं बच गयी!बहुत सारी पट्टी बँधी हैं!मेरी फोटो अख़बार मे आई थी! दो दिनो से मैं ताया के साथ सरकारी स्कूल मे हूँ! बल्लू बता रहा था की परसो माँ-अब्बू वापिस आ जाएँगे! हम लोग गाँव वापिस चले जाएँगे!किसी को बताना नही मेरी गुड़िया भी तो बड़े चौधरियों की हवेली की पीली वाली दीवार के छेद मे है! अरे वो मस्जिद की तरफ़!मैने छुपा दी थी उस रात!
मुझे यहाँ अच्छा नही लगता! 




बाहर बहुत सिपाही हैं!खेलने भी नही देते ! पता नही क्यों?

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